Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.158.16-17h: विद्वान् पुरुष प्रमुख शास्त्रों को कंठस्थ करके सबके संशय दूर करते हैं; परन्तु इस लोभ में फँसकर उनकी बुद्धि नष्ट हो जाती है और वे दुःख भोगते रहते हैं॥16 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.158: समस्त अनर्थोंका कारण लोभको बताकर उससे होनेवाले विभिन्न पापोंका वर्णन तथा श्रेष्ठ महापुरुषोंके लक्षण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुमहान्त्यपि शास्त्राणि धारयन्ति बहुश्रुता:॥ १६॥
छेत्तार: संशयानां च क्लिश्यन्तीहाल्पबुद्धय:।
अनुवाद
विद्वान् पुरुष प्रमुख शास्त्रों को कंठस्थ करके सबके संशय दूर करते हैं; परन्तु इस लोभ में फँसकर उनकी बुद्धि नष्ट हो जाती है और वे दुःख भोगते रहते हैं॥16 1/2॥
The learned men memorise the major scriptures and clear everyone's doubts; but being trapped in this greed, their wisdom is destroyed and they continue to suffer.॥ 16 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥