श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 152: इन्द्रोतका जनमेजयको धर्मोपदेश करके उनसे अश्वमेधयज्ञका अनुष्ठान कराना तथा निष्पाप राजाका पुन: अपने राज्यमें प्रवेश  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  12.152.38 
भीष्म उवाच
एवमुक्त्वा तु राजानमिन्द्रोतो जनमेजयम्।
याजयामास विधिवद् वाजिमेधेन शौनक:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
भीष्म कहते हैं: हे राजन! ऐसा कहकर शौनक इन्द्र ने राजा जनमेजय से विधिपूर्वक अश्वमेध यज्ञ करवाया।
 
Bhishma says: O King! Having said this, Shaunak Indraot made King Janamejaya perform the Ashwamedha Yagna as per the prescribed rituals.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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