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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 149: बहेलियेको स्वर्गलोककी प्राप्ति
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श्लोक 14
श्लोक
12.149.14
एवं खलु कपोतश्च कपोती च पतिव्रता।
लुब्धकेन सह स्वर्गं गता: पुण्येन कर्मणा॥ १४॥
अनुवाद
इस प्रकार पुण्यात्मा कबूतर, पतिव्रता पत्नी और शिकारी - तीनों अपने पुण्य कर्मों के बल पर स्वर्ग पहुँचे।
Thus the virtuous pigeon, the devoted wife and the hunter - all three together reached the heaven by the power of their good deeds.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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