श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 149: बहेलियेको स्वर्गलोककी प्राप्ति  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  12.149.13 
तत: स्वर्गस्थमात्मानमपश्यद् विगतज्वर:।
यक्षगन्धर्वसिद्धानां मध्ये भ्राजन्तमिन्द्रवत्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
थोड़ी देर बाद उसने स्वयं को स्वर्ग में अनेक यक्षों, सिद्धों और गन्धर्वों के बीच बड़े आनन्द से विराजमान और इन्द्र के समान शोभायमान देखा॥13॥
 
After a little while he saw himself seated in heaven in great joy and looking as glorious as Indra amidst several Yakshas, ​​Siddhas and Gandharvas. ॥13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)