Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.141.67: जिस प्रकार सूर्य आदि तेजस्वी ग्रह महान अंधकार को नष्ट कर देते हैं, उसी प्रकार जब मैं तप और ज्ञान के द्वारा अपने को दृढ़ कर लूँगा, तब सम्पूर्ण अशुभ कर्मों को नष्ट कर दूँगा।॥67॥ | mahabharat अध्याय 12.141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार सूर्य आदि तेजस्वी ग्रह महान अंधकार को नष्ट कर देते हैं, उसी प्रकार जब मैं तप और ज्ञान के द्वारा अपने को दृढ़ कर लूँगा, तब सम्पूर्ण अशुभ कर्मों को नष्ट कर दूँगा।॥67॥
'Just as the luminous planets like the Sun destroy the great darkness, in the same way when I strengthen myself through austerity and knowledge, then I shall destroy all inauspicious deeds.'॥ 67॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥