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श्लोक  12.141.35 
अहो कृच्छ्रं मया प्राप्तमिति निश्चित्य कौशिक:।
पपात भूमौ दौर्बल्यात् तस्मिंश्चाण्डालपक्कणे॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
"ओह! मुझ पर बड़ी भारी विपत्ति आ पड़ी है।" ऐसा सोचते हुए विश्वामित्र अत्यन्त दुर्बल होकर एक चाण्डाल के घर में भूमि पर गिर पड़े।
 
"Oh! A very great calamity has befallen me." Thinking so, Vishwamitra, due to extreme weakness, fell on the ground in the house of a Chandala.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)