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mahabharat 12.141.24: युधिष्ठिर! ऐसे घोर काल में धर्म का नाश होने के कारण भूख से पीड़ित लोग एक दूसरे को खाने लगे।   |   mahabharat अध्याय 12.141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.141.24 
तस्मिन् प्रतिभये काले क्षते धर्मे युधिष्ठिर।
बभूवु: क्षुुधिता मर्त्या: खादमाना: परस्परम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! ऐसे घोर काल में धर्म का नाश होने के कारण भूख से पीड़ित लोग एक दूसरे को खाने लगे।
 
Yudhishthira! In such a terrible time, due to the destruction of Dharma, people suffering from hunger started eating one another. 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)