Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.141.18-19: छोटे-छोटे जलाशय पूरी तरह सूख गए। जल के अभाव में वर्षा रुक गई। यज्ञ और स्वाध्याय पृथ्वी से लुप्त हो गए। वषट्कार और शुभ त्योहारों का नामोनिशान नहीं रहा। कृषि और गोरक्षा नष्ट हो गई, बाजार बंद हो गए। यज्ञ और यज्ञों का आयोजन समाप्त हो गया और बड़े-बड़े उत्सव नष्ट हो गए।॥18-19॥ | mahabharat अध्याय 12.141: ‘ब्राह्मण भयंकर संकटकालमें किस तरह जीवन-निर्वाह करे’ इस विषयमें विश्वामित्र मुनि और चाण्डालका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
छोटे-छोटे जलाशय पूरी तरह सूख गए। जल के अभाव में वर्षा रुक गई। यज्ञ और स्वाध्याय पृथ्वी से लुप्त हो गए। वषट्कार और शुभ त्योहारों का नामोनिशान नहीं रहा। कृषि और गोरक्षा नष्ट हो गई, बाजार बंद हो गए। यज्ञ और यज्ञों का आयोजन समाप्त हो गया और बड़े-बड़े उत्सव नष्ट हो गए।॥18-19॥
Small water reservoirs dried up completely. Due to water scarcity, the monsoons stopped. Yajnas and Swadhyaya disappeared from the earth. There was no mention of the Vashatkaar and auspicious festivals. Agriculture and cow protection were ruined, markets were closed. The organization of yajnas and yajnas ended and big festivals were ruined.॥18-19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥