Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.140.45: जिस व्यक्ति पर संदेह न किया जा सके, उससे सावधान रहना चाहिए और जिस व्यक्ति से डर लग सकता है, उससे भी हमेशा सावधान रहना चाहिए, क्योंकि जिस व्यक्ति से डर नहीं लग सकता, उससे यदि डर लग जाए, तो वह सब कुछ पूरी तरह से नष्ट कर देता है। | mahabharat अध्याय 12.140: भारद्वाज कणिकका सौराष्ट्रदेशके राजाको कूटनीतिका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस व्यक्ति पर संदेह न किया जा सके, उससे सावधान रहना चाहिए और जिस व्यक्ति से डर लग सकता है, उससे भी हमेशा सावधान रहना चाहिए, क्योंकि जिस व्यक्ति से डर नहीं लग सकता, उससे यदि डर लग जाए, तो वह सब कुछ पूरी तरह से नष्ट कर देता है।
'One should be cautious about a person who is not suspectable and one should always be cautious about the person from whom one can be feared because if fear arises from the person from whom one cannot be feared, then it destroys everything completely.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥