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mahabharat 12.140.43: कभी भी किसी ऐसे व्यक्ति पर भरोसा न करें जो भरोसेमंद न हो, लेकिन भरोसेमंद व्यक्ति पर भी ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा नहीं करना चाहिए क्योंकि ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा डर पैदा करता है। इसलिए बिना जाँचे-परखे किसी पर भी भरोसा न करें।   |   mahabharat अध्याय 12.140: भारद्वाज कणिकका सौराष्ट्रदेशके राजाको कूटनीतिका उपदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 140: भारद्वाज कणिकका सौराष्ट्रदेशके राजाको कूटनीतिका उपदेश  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  12.140.43 
न विश्वसेदविश्वस्ते विश्वस्ते नातिविश्वसेत्।
विश्वासाद् भयमभ्येति नापरीक्ष्य च विश्वसेद्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
कभी भी किसी ऐसे व्यक्ति पर भरोसा न करें जो भरोसेमंद न हो, लेकिन भरोसेमंद व्यक्ति पर भी ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा नहीं करना चाहिए क्योंकि ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा डर पैदा करता है। इसलिए बिना जाँचे-परखे किसी पर भी भरोसा न करें।
 
Never trust a person who is not trustworthy, but even a person who is trustworthy should not be trusted too much because too much trust gives rise to fear. Therefore, never trust anyone without checking.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)