Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.140.28: बुद्धिमान पुरुष को चाहिए कि वह अपने अनुकूल समय और स्थान पर ही वीरता दिखाए। अनुकूल समय और स्थान न होने पर किया गया वीरता व्यर्थ है॥28॥   |   mahabharat अध्याय 12.140: भारद्वाज कणिकका सौराष्ट्रदेशके राजाको कूटनीतिका उपदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 140: भारद्वाज कणिकका सौराष्ट्रदेशके राजाको कूटनीतिका उपदेश  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  12.140.28 
देशकालौ समासाद्य विक्रमेत विचक्षण:।
देशकालव्यतीतो हि विक्रमो निष्फलो भवेत्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
बुद्धिमान पुरुष को चाहिए कि वह अपने अनुकूल समय और स्थान पर ही वीरता दिखाए। अनुकूल समय और स्थान न होने पर किया गया वीरता व्यर्थ है॥28॥
 
‘A wise man should display his valour when the time and place are favorable to him. Valour displayed when the time and place are not favorable is futile.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)