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छिन्नमूले त्वधिष्ठाने सर्वेषां जीवनं हतम्।
कथं हि शाखास्तिष्ठेयुश्छिन्नमूले वनस्पतौ॥ १०॥
अनुवाद
यदि मूलाधार नष्ट हो जाए, तो उसके सहारे रहने वाले समस्त शत्रुओं का जीवन नष्ट हो जाता है। यदि वृक्ष की जड़ ही काट दी जाए, तो उसकी शाखाएँ कैसे जीवित रह सकती हैं?॥10॥
‘If the root foundation is destroyed, then the life of all the enemies who live by its support is destroyed. If the root of a tree is cut off, then how can its branches survive?॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥