द्रौपद्युवाच
इमे ते भ्रातर: पार्थ शुष्यन्ते स्तोकका इव।
वावाश्यमानास्तिष्ठन्ति न चैनानभिनन्दसे॥ ६॥
अनुवाद
कुन्तीकुमार! आपके ये भाई आपके निश्चय को सुनकर दुःखी हो गये हैं; तोतों की तरह आपसे राजा बनने का आग्रह कर रहे हैं; फिर भी आप उनका स्वागत नहीं कर रहे हैं?
Kuntikumar! These brothers of yours have become sad on hearing of your resolve; like parrots they are insisting on you becoming the king; still you are not welcoming them?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥