श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 14: द्रौपदीका युधिष्ठिरको राजदण्डधारणपूर्वक पृथ्वीका शासन करनेके लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  12.14.32 
येषामुन्मत्तको ज्येष्ठ: सर्वे तेऽप्यनुसारिण:।
तवोन्मादान्महाराज सोन्मादा: सर्वपाण्डवा:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
जिनका बड़ा भाई पागल हो जाए, वे सब उसका अनुसरण करने लगें। महाराज! आपके पागलपन के कारण सभी पाण्डव भी पागल हो गए हैं। 32.
 
All those whose elder brother goes mad, start following him. Maharaj! Due to your madness, all the Pandavas have also gone mad. 32.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)