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mahabharat 12.14.19-20: तुमने हाथी, घोड़े और रथों से सुसज्जित तथा द्रोण, कर्ण, अश्वत्थामा और कृपाचार्य द्वारा रक्षित शत्रुओं की महाशक्तिशाली एवं श्रेष्ठ सेना का संहार किया है। अब यह पृथ्वी तुम्हारे अधीन हो गई है। अतः हे वीर, इसका आनन्द लो।   |   mahabharat अध्याय 12.14: द्रौपदीका युधिष्ठिरको राजदण्डधारणपूर्वक पृथ्वीका शासन करनेके लिये प्रेरित करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.14.19-20 
यत् तद् बलममित्राणां तथा वीर्यसमुद्यतम्।
हस्त्यश्वरथसम्पन्नं त्रिभिरङ्गैरनुत्तमम्॥ १९॥
रक्षितं द्रोणकर्णाभ्यामश्वत्थाम्ना कृपेण च।
तत् त्वया निहतं वीर तस्माद् भुङ्क्ष्व वसुन्धराम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
तुमने हाथी, घोड़े और रथों से सुसज्जित तथा द्रोण, कर्ण, अश्वत्थामा और कृपाचार्य द्वारा रक्षित शत्रुओं की महाशक्तिशाली एवं श्रेष्ठ सेना का संहार किया है। अब यह पृथ्वी तुम्हारे अधीन हो गई है। अतः हे वीर, इसका आनन्द लो।
 
You have killed the mighty and excellent army of the enemy, which was equipped with elephants, horses and chariots and which was protected by Drona, Karna, Ashwatthama and Kripacharya. Now this earth has come under your control. Therefore, O brave one, enjoy it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)