पापं कर्म कृतं किंचिद् यदि तस्मिन् न दृश्यते।
नृपते तस्य पुत्रेषु पौत्रेष्वपि च नप्तृषु॥ २२॥
अनुवाद
राजा! यदि पाप कर्म करने वाले को यहाँ कोई फल नहीं दिखाई देता, तो समझना चाहिए कि उसके पुत्र, पौत्र और प्रपौत्रों को उसका फल भोगना पड़ेगा।'
'King! If the doer of a sinful act does not see any results here, then it should be understood that his sons, grandsons and great-grandchildren will have to suffer the consequences of the same.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥