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mahabharat 12.138.99: लोमशजी! जब तुम भयभीत होकर भाग जाओगे, तब मैं बिल में प्रवेश कर जाऊँगा और तुम वृक्ष की शाखा पर जाकर बैठ जाना।'   |   mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.138.99 
ततो भवत्यपक्रान्ते त्रस्ते भीते च लोमश।
अहं बिलं प्रवेक्ष्यामि भवान् शाखां भजिष्यति॥ ९९॥
 
 
अनुवाद
लोमशजी! जब तुम भयभीत होकर भाग जाओगे, तब मैं बिल में प्रवेश कर जाऊँगा और तुम वृक्ष की शाखा पर जाकर बैठ जाना।'
 
'Lomashji! When you will be terrified and afraid and will run away, then I will enter the hole and you will go and sit on the branch of the tree.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)