Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.137.7: ‘मित्रो! ऐसा प्रतीत होता है कि इस जलाशय में रहने वाली सभी मछलियाँ संकट में हैं; अतः जब तक हमारा मार्ग अवरुद्ध न हो जाए, हमें शीघ्र ही यह स्थान छोड़ देना चाहिए ॥7॥ | mahabharat अध्याय 12.137: आने वाले संकटसे सावधान रहनेके लिये दूरदर्शी, तत्कालज्ञ और दीर्घसूत्री—इन तीन मत्स्योंका दृष्टान्त । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘मित्रो! ऐसा प्रतीत होता है कि इस जलाशय में रहने वाली सभी मछलियाँ संकट में हैं; अतः जब तक हमारा मार्ग अवरुद्ध न हो जाए, हमें शीघ्र ही यह स्थान छोड़ देना चाहिए ॥7॥
‘Friends! It seems that all the fishes living in this water body are in danger; therefore, unless our way out is obstructed, we must leave this place as soon as possible. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥