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mahabharat 12.135.23: भीष्म कहते हैं - राजन ! यह सुनकर उन डाकुओं ने कायव्य की सारी आज्ञा स्वीकार कर ली और सदैव उसका पालन करने लगे। इससे उन सबकी उन्नति हुई और वे पापकर्मों से विमुख हो गए॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 12.135: मर्यादाका पालन करने-करानेवाले कायव्यनामक दस्युकी सद्‍गतिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 135: मर्यादाका पालन करने-करानेवाले कायव्यनामक दस्युकी सद्‍गतिका वर्णन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.135.23 
भीष्म उवाच
ते सर्वमेवानुचक्रु: कायव्यस्यानुशासनम्।
वृद्धिं च लेभिरे सर्वे पापेभ्यश्चाप्युपारमन्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
भीष्म कहते हैं - राजन ! यह सुनकर उन डाकुओं ने कायव्य की सारी आज्ञा स्वीकार कर ली और सदैव उसका पालन करने लगे। इससे उन सबकी उन्नति हुई और वे पापकर्मों से विमुख हो गए॥ 23॥
 
Bhishma says - King! On hearing this, those bandits accepted all the orders of Kayavya and always followed them. Due to this, all of them prospered and they turned away from sinful acts.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)