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mahabharat 12.135.22: जो लोग दस्यु कुल में उत्पन्न होकर भी धर्मशास्त्र के सिद्धांतों का पालन करते हैं, वे डाकू होते हुए भी शीघ्र ही सफलता प्राप्त कर लेते हैं (यदि ये सब बातें तुम्हें स्वीकार्य हों, तो मैं तुम्हारा नेता बन सकता हूँ)।॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 12.135: मर्यादाका पालन करने-करानेवाले कायव्यनामक दस्युकी सद्‍गतिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.135.22 
ये पुनर्धर्मशास्त्रेण वर्तेरन्निह दस्यव:।
अपि ते दस्यवो भूत्वा क्षिप्रं सिद्धिमवाप्नुयु:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
जो लोग दस्यु कुल में उत्पन्न होकर भी धर्मशास्त्र के सिद्धांतों का पालन करते हैं, वे डाकू होते हुए भी शीघ्र ही सफलता प्राप्त कर लेते हैं (यदि ये सब बातें तुम्हें स्वीकार्य हों, तो मैं तुम्हारा नेता बन सकता हूँ)।॥ 22॥
 
Those who, despite being born in the bandit clan, follow the tenets of Dharmashastra, despite being robbers, soon achieve success (if all these things are acceptable to you, then I can become your leader).॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)