Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.135.20: दण्ड का विधान दुष्टों का दमन करने के लिए है, अपनी संपत्ति बढ़ाने के लिए नहीं। जो सज्जनों को सताते हैं, उनके लिए दण्ड है उनका वध करना।   |   mahabharat अध्याय 12.135: मर्यादाका पालन करने-करानेवाले कायव्यनामक दस्युकी सद्‍गतिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 135: मर्यादाका पालन करने-करानेवाले कायव्यनामक दस्युकी सद्‍गतिका वर्णन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  12.135.20 
शिष्टॺर्थं विहितो दण्डो न वृद्धॺर्थं विनिश्चय:।
ये च शिष्टान् प्रबाधन्ते दण्डस्तेषां वध: स्मृत:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
दण्ड का विधान दुष्टों का दमन करने के लिए है, अपनी संपत्ति बढ़ाने के लिए नहीं। जो सज्जनों को सताते हैं, उनके लिए दण्ड है उनका वध करना।
 
The law of punishment is for suppressing the wicked, not for increasing one's own wealth. The punishment for those who harass the virtuous is killing them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)