Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.135.13: कायव्य बोले- प्रिय मित्रों! स्त्री, कायर, बालक या तपस्वी को कभी नहीं मारना चाहिए। जो तुम्हारे साथ युद्ध न कर रहा हो, उसे भी मत मारो। स्त्रियों को बलपूर्वक कभी मत पकड़ो॥13॥ | mahabharat अध्याय 12.135: मर्यादाका पालन करने-करानेवाले कायव्यनामक दस्युकी सद्गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कायव्य उवाच
मा वधीस्त्वं स्त्रियं भीरुं मा शिशुं मा तपस्विनम्।
नायुद्धॺमानो हन्तव्यो न च ग्राह्या बलात् स्त्रिय:॥ १३॥
अनुवाद
कायव्य बोले- प्रिय मित्रों! स्त्री, कायर, बालक या तपस्वी को कभी नहीं मारना चाहिए। जो तुम्हारे साथ युद्ध न कर रहा हो, उसे भी मत मारो। स्त्रियों को बलपूर्वक कभी मत पकड़ो॥13॥
Kayavya said- Dear friends! You should never kill a woman, a coward, a child or an ascetic. Do not kill anyone who is not fighting with you. Never capture women by force.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥