Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.130.7: बुद्धि से काम करने पर मनुष्य धनवान हो भी सकता है और नहीं भी। ऐसे प्रश्नों पर अपनी बुद्धि से विचार करके फिर किसी निष्कर्ष पर पहुँचना चाहिए ॥7॥ | mahabharat अध्याय 12.130: आपत्तिके समय राजाका धर्म । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कर्मणा बुद्धिपूर्वेण भवत्याढॺो न वा पुन:।
तादृशोऽयमनुप्रश्न: संव्यवस्य: स्वया धिया॥ ७॥
अनुवाद
बुद्धि से काम करने पर मनुष्य धनवान हो भी सकता है और नहीं भी। ऐसे प्रश्नों पर अपनी बुद्धि से विचार करके फिर किसी निष्कर्ष पर पहुँचना चाहिए ॥7॥
A man may or may not become wealthy by doing work (efforts) with intelligence. You should think over such questions with your own intelligence and then arrive at a conclusion. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥