Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.130.11: ज्ञान के अभाव में मनुष्य संकट से बचने का कोई उपयुक्त उपाय नहीं सोच पाता; किन्तु ज्ञान होने पर वह उपाय ज्ञात हो जाता है। उचित मार्ग ही समृद्धि बढ़ाने का सर्वोत्तम उपाय है॥11॥ | mahabharat अध्याय 12.130: आपत्तिके समय राजाका धर्म । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अविज्ञानादयोगो हि पुरुषस्योपजायते।
विज्ञानादपि योगश्च योगो भूतिकर: पर:॥ ११॥
अनुवाद
ज्ञान के अभाव में मनुष्य संकट से बचने का कोई उपयुक्त उपाय नहीं सोच पाता; किन्तु ज्ञान होने पर वह उपाय ज्ञात हो जाता है। उचित मार्ग ही समृद्धि बढ़ाने का सर्वोत्तम उपाय है॥11॥
Due to lack of knowledge, a person cannot think of any suitable way to escape from a crisis; but with knowledge, that way is known. The right way is the best way to increase prosperity.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥