श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 127: ऋषभका राजा सुमित्रको वीरद्युम्न और तनु मुनिका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  12.127.18 
एतच्छ्रुत्वा तु भगवांस्तनुर्मुनिवरोत्तम:।
अवाक्शिरा ध्यानपरो मुहूर्तमिव तस्थिवान्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
राजा के ये वचन सुनकर मुनिश्रेष्ठ भगवान् सिर झुकाकर दो घण्टे तक गहन ध्यान में बैठे रहे।
 
On hearing these words of the King, the Lord, the best of sages, sat quietly for two hours in deep meditation with his head bent down.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)