Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.126.8: हे तपस्वियों! मैं हैहय कुल में उत्पन्न हुआ हूँ। मैं अपने मित्रों को आनन्द देने वाला राजा सुमित्र हूँ और हजारों बाणों के प्रहार से मृगों के समूहों का संहार करता हुआ विचरण कर रहा हूँ। | mahabharat अध्याय 12.126: राजा सुमित्रका मृगकी खोज करते हुए तपस्वी मुनियोंके आश्रमपर पहुँचना और उनसे आशाके विषयमें प्रश्न करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे तपस्वियों! मैं हैहय कुल में उत्पन्न हुआ हूँ। मैं अपने मित्रों को आनन्द देने वाला राजा सुमित्र हूँ और हजारों बाणों के प्रहार से मृगों के समूहों का संहार करता हुआ विचरण कर रहा हूँ।
'O ascetics! I was born in the Haihaya clan. I am King Sumitra who brings joy to his friends and I am roaming around destroying herds of deer with the blows of thousands of arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥