श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 126: राजा सुमित्रका मृगकी खोज करते हुए तपस्वी मुनियोंके आश्रमपर पहुँचना और उनसे आशाके विषयमें प्रश्न करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  12.126.6 
एतदिच्छामहे श्रोतुं कुत: प्राप्तोऽसि मानद।
कस्मिन् कुले तु जातस्त्वं किंनामाचासि ब्रूहि न:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
"माननीय! हम ये सब सुनना चाहते हैं। आप कहाँ से आए हैं? किस परिवार में जन्मे हैं? और आपका नाम क्या है? हमें ये सब बताइए।"
 
‘Honourable! We want to hear all this. Where have you come from? In which family were you born? And what is your name? Tell us all these things.’
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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