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श्लोक  12.124.20 
प्रह्रादेन हृतं राज्यं महेन्द्रस्य महात्मन:।
शीलमाश्रित्य दैत्येन त्रैलोक्यं च वशे कृतम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
पुण्य का सहारा लेकर राक्षस राजा प्रह्लाद ने महान महेन्द्र का राज्य हड़प लिया और तीनों लोकों को भी अपने अधीन कर लिया।
 
By taking recourse to virtue, the demon king Prahlada usurped the kingdom of the great Mahendra and also brought the three worlds under his control.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)