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mahabharat 12.122.11: मान्धाता ने कहा - राजन! पुरुषोत्तम! आपने बृहस्पति के सम्पूर्ण मतों का अध्ययन किया है। साथ ही शुक्राचार्य के नीतिशास्त्र का भी आपको पूर्ण ज्ञान है।॥11॥   |   mahabharat अध्याय 12.122: दण्डकी उत्पत्ति तथा उसके क्षत्रियोंके हाथमें आनेकी परम्पराका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 122: दण्डकी उत्पत्ति तथा उसके क्षत्रियोंके हाथमें आनेकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  12.122.11 
मान्धातोवाच
बृहस्पतेर्मतं राजन्नधीतं सकलं त्वया।
तथैवौशनसं शास्त्रं विज्ञातं ते नरोत्तम॥ ११॥
 
 
अनुवाद
मान्धाता ने कहा - राजन! पुरुषोत्तम! आपने बृहस्पति के सम्पूर्ण मतों का अध्ययन किया है। साथ ही शुक्राचार्य के नीतिशास्त्र का भी आपको पूर्ण ज्ञान है।॥11॥
 
Mandhaata said - King! Best of men! You have studied the complete views of Brihaspati. Along with that, you also have full knowledge of the ethics of Shukracharya. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)