श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 120: राजधर्मका साररूपमें वर्णन  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  12.120.50 
धर्मान्वितेषु विज्ञाता मन्त्री गुप्तश्च पाण्डव।
आप्तो राजा कुलीनश्च पर्याप्तो राजसंग्रहे॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
पाण्डुनन्दन! धार्मिक लोगों में से जो समस्त विषयों का विशेष ज्ञाता हो, उसे मंत्री नियुक्त करना चाहिए तथा उसकी सुरक्षा का विशेष प्रबन्ध करना चाहिए। कुलीन एवं विश्वसनीय राजा ही राजाओं को वश में करने में समर्थ होता है।
 
Pandunandan! Among the religious people, one who is especially knowledgeable about all the subjects should be appointed as the minister and special arrangements should be made for his security. A noble and trustworthy king is capable of subduing kings.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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