श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 120: राजधर्मका साररूपमें वर्णन  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  12.120.49 
संदर्शनेन पुरुषं जघन्यमपि चोदयेत्।
आरम्भान् द्विषतां प्राज्ञ: सर्वार्थांश्च प्रसूदयेत्॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
बुद्धिमान राजा को चाहिए कि वह दुष्ट मनुष्य को देखते ही अपने स्थान से भगा दे और यदि उसकी शक्ति में हो तो शत्रुओं के समस्त प्रयत्नों और कार्यों को नष्ट कर दे ॥ 49॥
 
A wise king should, at first sight, drive away a wicked man from his place, and if it is in his power, he should destroy all the efforts and works of his enemies. ॥ 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)