श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 119: सेवकोंको उनके योग्य स्थानपर नियुक्त करने, कुलीन और सत्पुरुषोंका संग्रह करने, कोष बढ़ाने तथा सबकी देखभाल करनेके लिये राजाको प्रेरणा  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  12.119.9 
साधव: कुलजा: शूरा ज्ञानवन्तोऽनसूयका:।
अक्षुद्रा: शुचयो दक्षा: स्युर्नरा: पारिपार्श्वका:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
राजा को चाहिए कि वह केवल ऋषि, कुलीन, वीर, ज्ञानी, निष्कलंक, सदाचारी, धर्मात्मा और कार्यकुशल व्यक्तियों को ही अपना सेवक बनाए ॥9॥
 
The king should make only sages, noble, brave, knowledgeable, blameless, good-natured, pious and efficient people as his personal servants. 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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