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नापरीक्ष्य महीपाल: सचिवं कर्तुमर्हति।
अकुलीननराकीर्णो न राजा सुखमेधते॥ ४॥
अनुवाद
राजा को चाहिए कि बिना परीक्षा किए किसी को अपना मंत्री न बनाए, क्योंकि नीच जाति के व्यक्ति का संग करने से राजा को न तो सुख मिलता है और न उन्नति होती है ॥4॥
The king should not appoint anyone as his minister without testing him, because by associating with a person of low caste the king neither gets happiness nor progress. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥