मेधावी धारणायुक्तो यथान्यायोपपादक:।
दान्त: सदा प्रियाभाषी क्षमावांश्च विपर्यये॥ १८॥
अनुवाद
वह बुद्धिमान, ज्ञान-शक्ति से युक्त, उचित कर्म करने वाला, अपनी इन्द्रियों को वश में रखने वाला, प्रिय वचन बोलने वाला और शत्रुओं को भी क्षमा करने वाला हो ॥18॥
He should be intelligent, endowed with the power of perception, one who does appropriate work, one who controls his senses, one who speaks loving words and one who forgives even his enemies. 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥