Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.118.17: राजा को धैर्यवान, क्षमाशील, धर्मात्मा, समय-समय पर तीक्ष्ण बुद्धि वाला, पुरुषार्थ का ज्ञाता, सुनने में तत्पर, वेदों का ज्ञाता, आज्ञाकारी और तर्क-वितर्क में कुशल होना चाहिए ॥17॥ | mahabharat अध्याय 12.118: राजाके सेवक, सचिव तथा सेनापति आदि और राजाके उत्तम गुणोंका वर्णन एवं उनसे लाभ । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा को धैर्यवान, क्षमाशील, धर्मात्मा, समय-समय पर तीक्ष्ण बुद्धि वाला, पुरुषार्थ का ज्ञाता, सुनने में तत्पर, वेदों का ज्ञाता, आज्ञाकारी और तर्क-वितर्क में कुशल होना चाहिए ॥17॥
The king should be patient, forgiving, pious, sharp from time to time, knowledgeable about efforts, eager to listen, knowledgeable in the Vedas, obedient and skilled in argumentation. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥