Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.116.2: इसी विषय के समान बातें मैंने तपोवन में सुनी हैं, जो महर्षियों ने जमदग्निनन्दन परशुरामजी से कही थीं॥2॥   |   mahabharat अध्याय 12.116: सज्जनोंके चरित्रके विषयमें दृष्टान्तरूपसे एक महर्षि और कुत्तेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 116: सज्जनोंके चरित्रके विषयमें दृष्टान्तरूपसे एक महर्षि और कुत्तेकी कथा  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.116.2 
अस्यैवार्थस्य सदृशं यच्छ्रुतं मे तपोवने।
जामदग्न्यस्य रामस्य यदुक्तमृषिसत्तमै:॥ २॥
 
 
अनुवाद
इसी विषय के समान बातें मैंने तपोवन में सुनी हैं, जो महर्षियों ने जमदग्निनन्दन परशुरामजी से कही थीं॥2॥
 
I have heard things similar to this topic in Tapovan, which were said by great sages to Jamdagninandan Parshuramji. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)