श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 115: राजा तथा राजसेवकोंके आवश्यक गुण  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.115.8 
एतन्मे संशयस्यास्य राजधर्मान् सुदुर्विदान्।
बृहस्पतिसमो बुद्धॺा भवान् शंसितुमर्हति॥ ८॥
 
 
अनुवाद
मेरे इस संदेह का समाधान कीजिए और मुझे कठिन राज-कर्म समझाइए, क्योंकि बुद्धि में आप स्वयं बृहस्पति के समान हैं ॥8॥
 
Resolve this doubt of mine and explain to me the difficult royal duties, because in wisdom you are like Brihaspati himself. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)