श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 114: दुष्ट मनुष्यद्वारा की हुई निन्दाको सह लेनेसे लाभ  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  12.114.9 
यदि वाग्भि: प्रयोग: स्यात् प्रयोगे पापकर्मण:।
वागेवार्थो भवेत् तस्य न ह्येवार्थो जिघांसत:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
यदि पापी मनुष्य द्वारा कठोर वचन कहे जाएँ और बदले में उन्हीं वचनों का प्रयोग किया जाए, तो वाणी से कलह ही उत्पन्न होगी। हिंसा करने की इच्छा रखने वाले को गाली देने से कोई प्रयोजन सिद्ध नहीं होगा।॥9॥
 
If harsh words are spoken by a sinful person and the same words are used in return, then it will only cause discord through words. No purpose will be achieved by abusing a person who wants to commit violence.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)