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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 114: दुष्ट मनुष्यद्वारा की हुई निन्दाको सह लेनेसे लाभ
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श्लोक 7
श्लोक
12.114.7
उपेक्षितव्यो यत्नेन तादृश: पुरुषाधम:।
यद् यद् ब्रूयादल्पमतिस्तत्तदस्य सहेद्बुध:॥ ७॥
अनुवाद
ऐसी धमकियों को पूरी सावधानी से नज़रअंदाज़ कर देना चाहिए। मूर्ख व्यक्ति जो कुछ भी कहे, विद्वान व्यक्ति को उसे सहन कर लेना चाहिए ॥7॥
Such threats should be ignored with all care. Whatever a foolish person says, a learned person should tolerate it. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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