श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 114: दुष्ट मनुष्यद्वारा की हुई निन्दाको सह लेनेसे लाभ  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  12.114.19 
प्रत्युच्यमानस्त्वभिभूय एभि-
र्निशाम्य मा भूस्त्वमथार्तरूप:।
उच्चस्य नीचेन हि सम्प्रयोगं
विगर्हयन्ति स्थिरबुद्धयो ये॥ १९॥
 
 
अनुवाद
यदि ऐसे दुष्ट पुरुष किसी पर आक्रमण करके उसकी निन्दा करने लगें और कोई सज्जन पुरुष यह सुनकर उत्तर देने को तैयार हो, तो उसे रोककर कहना चाहिए कि, 'इस बात से दुःखी मत हो कि स्थिर बुद्धि वाले पुरुष श्रेष्ठ पुरुष और हीन पुरुष के संयोग की निन्दा करते हैं, अर्थात् समता की।' ॥19॥
 
If such evil men attack someone and start criticising him and a good man, on hearing this, is ready to reply, he should stop him and say, "Don't be sad because men of steady wisdom criticise the association of a superior man with a inferior man, i.e., equality." ॥19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)