Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.114.16: जो मनुष्य दूसरों की निन्दा करने वाले दुष्ट व्यक्ति से बदला लेना चाहता है, वह उस मूर्ख गधे के समान है जो राख में लोटता रहता है और दुःख में ही डूबता है ॥16॥ | mahabharat अध्याय 12.114: दुष्ट मनुष्यद्वारा की हुई निन्दाको सह लेनेसे लाभ । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य दूसरों की निन्दा करने वाले दुष्ट व्यक्ति से बदला लेना चाहता है, वह उस मूर्ख गधे के समान है जो राख में लोटता रहता है और दुःख में ही डूबता है ॥16॥
He who seeks revenge on an evil person who slanders others, is like a foolish donkey rolling in the ashes, only to be immersed in misery. ॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥