Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.113.14: इस प्रकार जब विद्वान राजा अपने शत्रु के बल को अपने बल से अधिक समझे, तब उसे बेंत के समान ही प्रणाम करना चाहिए, अर्थात् उसके आगे झुकना चाहिए। यही बुद्धि का लक्षण है॥14॥ | mahabharat अध्याय 12.113: शक्तिशाली शत्रुके सामने बेंतकी भाँति नतमस्तक होनेका उपदेश—सरिताओं और समुद्रका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार जब विद्वान राजा अपने शत्रु के बल को अपने बल से अधिक समझे, तब उसे बेंत के समान ही प्रणाम करना चाहिए, अर्थात् उसके आगे झुकना चाहिए। यही बुद्धि का लक्षण है॥14॥
In this way, when a learned king considers the strength of his enemy to be greater than his own, he should adopt the same method as that of a cane; i.e., he should bow down before him. This is the sign of wisdom.॥ 14॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि राजधर्मानुशासनपर्वणि सरित्सागरसंवादे त्रयोदशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत राजधर्मानुशासनपर्वमें सरिताओं और समुद्रका संवादविषयक एक सौ तेरहवाँ अध्याय पूरा हआ॥ ११३॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥