Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.111.49-50h: तब मृगराज ने अपने सेवकों को चोर का पता लगाने का आदेश दिया। तब जिन्होंने ऐसा किया था, उन्होंने सिंह को मांस के बारे में बताया - 'महाराज! आपके मंत्री ने, जो अपने को बड़ा बुद्धिमान और विद्वान समझता है, यह मांस चुराया है।' ॥49 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.111: मनुष्यके स्वभावकी पहचान बतानेवाली बाघ और सियारकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब मृगराज ने अपने सेवकों को चोर का पता लगाने का आदेश दिया। तब जिन्होंने ऐसा किया था, उन्होंने सिंह को मांस के बारे में बताया - 'महाराज! आपके मंत्री ने, जो अपने को बड़ा बुद्धिमान और विद्वान समझता है, यह मांस चुराया है।' ॥49 1/2॥
Then the king of deer ordered his servants to find the thief. Then those who had done this told the lion about the meat - 'Maharaj! Your minister, who considers himself very intelligent and learned, has stolen this meat.' ॥ 49 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥