श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 111: मनुष्यके स्वभावकी पहचान बतानेवाली बाघ और सियारकी कथा  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  12.111.36 
न मन्त्रयेयमन्यैस्ते सचिवै: सह कर्हिचित्।
नीतिमन्त: परीप्सन्तो वृथा ब्रूयु: परे मयि॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
मैं आपके अन्य मंत्रियों के साथ बैठकर कभी भी परामर्श नहीं करूंगा; क्योंकि अन्य बुद्धिमान मंत्री मुझसे ईर्ष्या करेंगे और मेरे विषय में व्यर्थ बातें कहने लगेंगे।
 
I will never sit with your other ministers and have any consultation; because the other wise ministers will be jealous of me and will start saying useless things about me. 36.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)