vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 12: शान्ति पर्व
»
अध्याय 111: मनुष्यके स्वभावकी पहचान बतानेवाली बाघ और सियारकी कथा
»
श्लोक 28
श्लोक
12.111.28
दीर्घदर्शी महोत्साह: स्थूललक्ष्यो महाबल:।
कृती चामोघकर्तासि भाग्यैश्च समलंकृत:॥ २८॥
अनुवाद
आप दूरदर्शी, अति उत्साही, स्पष्ट लक्ष्य वाले, पराक्रमी, सिद्धिप्राप्त, यशस्वी और सौभाग्य से सुशोभित हैं॥ 28॥
You are far-sighted, very enthusiastic, have a clear aim, are mighty, accomplished, and are successful and are adorned with good fortune.॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×