अप्रत्ययकृतां गर्ह्यामर्थापनयदूषिताम्।
इह चामुत्र चानिष्टां तस्माद् वृत्तिं न रोचये॥ १६॥
अनुवाद
तुम्हारी जीविका असंतोष से भरी हुई, निन्दनीय, पुण्य के नाश से दूषित तथा इस लोक और परलोक में अशुभ फल देने वाली है; इसलिए मुझे वह अच्छी नहीं लगती॥16॥
'Your livelihood is full of discontent, is condemnable, polluted by the loss of virtue, and brings evil results in this world as well as the next; therefore I do not like it.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥