Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.110.d3-d4: जो लोग सदैव देवाधिदेव भगवान की पूजा करते हैं, जिनकी स्तुति विष्णु, इंद्र, शिव और लोकपितामह ब्रह्मा द्वारा विविध स्तोत्रों के माध्यम से की जाती है, वे दुर्गम कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करने में समर्थ होते हैं।   |   mahabharat अध्याय 12.110: सदाचार और ईश्वरभक्ति आदिको दु:खोंसे छूटनेका उपाय बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 110: सदाचार और ईश्वरभक्ति आदिको दु:खोंसे छूटनेका उपाय बताना  »  श्लोक d3-d4
 
 
श्लोक  12.110.d3-d4 
यं विष्णुरिन्द्र: शम्भुश्च ब्रह्मा लोकपितामह:।
स्तुवन्ति विविधै: स्तोत्रैर्देवदेवं महेश्वरम्॥
तमर्चयन्ति ये शश्वद् दुर्गाण्यतितरन्ति ते॥ )
 
 
अनुवाद
जो लोग सदैव देवाधिदेव भगवान की पूजा करते हैं, जिनकी स्तुति विष्णु, इंद्र, शिव और लोकपितामह ब्रह्मा द्वारा विविध स्तोत्रों के माध्यम से की जाती है, वे दुर्गम कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करने में समर्थ होते हैं।
 
Those who always worship the God of Gods, who are praised by Vishnu, Indra, Shiva and Lokpitamah Brahma through various hymns, are able to overcome insurmountable difficulties.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)