Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.110.d2: जो लोग यज्ञों द्वारा पूजनीय, जगत के रचयिता, मुनियों के रक्षक भगवान ब्रह्मा को नमस्कार करते हैं, वे सभी दुःखों से मुक्त हो जाते हैं। | mahabharat अध्याय 12.110: सदाचार और ईश्वरभक्ति आदिको दु:खोंसे छूटनेका उपाय बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्माणं लोककर्तारं ये नमस्यन्ति सत्पतिम्।
यष्टव्यं क्रतुभिर्देवं दुर्गाण्यतितरन्ति ते॥
अनुवाद
जो लोग यज्ञों द्वारा पूजनीय, जगत के रचयिता, मुनियों के रक्षक भगवान ब्रह्मा को नमस्कार करते हैं, वे सभी दुःखों से मुक्त हो जाते हैं।
Those who bow to Lord Brahma, the creator of the universe and the protector of saints, who is worthy of being worshipped through sacrifices, get rid of all sorrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥