Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.110.8: जो राजा रजोगुण से युक्त हैं और लोभ से प्रजा का धन नहीं हड़पते तथा सब ओर से अपने राज्य की रक्षा करते हैं, वे भी दुर्गम कष्टों पर विजय प्राप्त कर लेते हैं ॥8॥ | mahabharat अध्याय 12.110: सदाचार और ईश्वरभक्ति आदिको दु:खोंसे छूटनेका उपाय बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये न लोभान्नयन्त्यर्थान् राजानो रजसान्विता:।
विषयान् परिरक्षन्ति दुर्गाण्यतितरन्ति ते॥ ८॥
अनुवाद
जो राजा रजोगुण से युक्त हैं और लोभ से प्रजा का धन नहीं हड़पते तथा सब ओर से अपने राज्य की रक्षा करते हैं, वे भी दुर्गम कष्टों पर विजय प्राप्त कर लेते हैं ॥8॥
Those kings who are endowed with the Rajoguna (motive) and who do not usurp the wealth of their subjects out of greed and who protect their kingdom from all sides, they too overcome insurmountable sufferings. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥