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mahabharat 12.110.18: जो सब देवताओं को नमस्कार करते हैं, सब धार्मिक ग्रंथों को सुनते हैं और उनमें श्रद्धा और शांति रखते हैं, वे सब दुःखों से पार हो जाते हैं ॥18॥   |   mahabharat अध्याय 12.110: सदाचार और ईश्वरभक्ति आदिको दु:खोंसे छूटनेका उपाय बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 110: सदाचार और ईश्वरभक्ति आदिको दु:खोंसे छूटनेका उपाय बताना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  12.110.18 
सर्वान् देवान् नमस्यन्ति सर्वधर्मांश्च शृण्वते।
ये श्रद्दधाना: शान्ताश्च दुर्गाण्यतितरन्ति ते॥ १८॥
 
 
अनुवाद
जो सब देवताओं को नमस्कार करते हैं, सब धार्मिक ग्रंथों को सुनते हैं और उनमें श्रद्धा और शांति रखते हैं, वे सब दुःखों से पार हो जाते हैं ॥18॥
 
Those who bow to all gods, listen to all religious texts and have faith and peace in them, cross all sorrows. ॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)